📍 Raipur News | CM Vishnudev Sai | Shaheed Gaindsingh Shahadat Diwas
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
🏗️ मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने समाज के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- नया रायपुर में शहीद गैंदसिंह चौक नामकरण एवं मूर्ति स्थापना।
- चंगोराभाटा स्थित समाज भवन का जीर्णोद्धार।
- बालोद के देवरी, कांकेर के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव तथा बस्तर के भानपुरी और करूटोला में सामाजिक केंद्र निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान को 10-10 लाख रुपए।
- ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण।
- चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर का जीर्णोद्धार।
1857 से पहले ही छत्तीसगढ़ में गूंज चुकी थी क्रांति : सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है।
उन्होंने कहा—
“देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले 1857 से मानी जाती है, लेकिन उससे पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। शहीद गैंदसिंह 1825 में अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए शहीद हुए।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी।
🏛️ नया रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम बना गौरव का प्रतीक
सीएम साय ने कहा कि जनजातीय नायकों के योगदान को सम्मान देने के लिए नया रायपुर में 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम बनाया गया है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि लोग इस संग्रहालय का अवलोकन कर जनजातीय इतिहास को समझें।
🌿 जनजातीय समाज के उत्थान की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि—
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनजातीय समाज से हैं।
- छत्तीसगढ़ का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है।
- 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है।
- धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
🎓 शिक्षा और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा—
“हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। आज छत्तीसगढ़ में IIM, IIT और AIIMS जैसे राष्ट्रीय संस्थान संचालित हो रहे हैं।”
उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से युवाओं को शिक्षित और जागरूक करने का आह्वान किया।
🚨 बस्तर में नक्सलवाद पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद विकास में बाधा था, लेकिन डबल इंजन सरकार और सुरक्षा बलों के साहस से अब वहां विकास की नई धारा बह रही है।
🗣️ कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा का बयान
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा—
“शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर जननायक थे जिन्होंने 1824-25 में अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया।”
उन्होंने कहा कि जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय है।
👥 कार्यक्रम में रहे मौजूद
इस अवसर पर—
- डॉ. देवेंद्र माहला (केंद्रीय अध्यक्ष)
- गिरवर सिंह ठाकुर (महामंत्री)
- महेश गागड़ा सहित
- समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





