May 15, 2026

मरवाही जनपद पंचायत में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का खुलासा, RTI दस्तावेजों से सामने आया बड़ा घोटाला

मरवाही जनपद पंचायत में करोड़ों का वित्तीय घोटाला उजागर, RTI से खुलासा

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। मरवाही जनपद पंचायत में वित्तीय अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर सामने आए इस खुलासे ने प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सर्व शिक्षा अभियान की राशि का नियम विरुद्ध उपयोग

जानकारी के अनुसार, सर्व शिक्षा अभियान समग्र मद के खाते से लाखों रुपये का लेन-देन किया गया है, जो निर्धारित नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। नियमों के अनुसार इस खाते का संचालन केवल मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और BRCC के संयुक्त हस्ताक्षर से ही किया जा सकता है, लेकिन दस्तावेजों में एकल या अनधिकृत संचालन के संकेत मिले हैं।

सरकार के आदेश के बावजूद जारी रहा भुगतान

सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया है कि राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सर्व शिक्षा अभियान समग्र की शेष राशि को वापस किया जाए। इसके बावजूद जनपद पंचायत मरवाही में इस राशि का आहरण और व्यय जारी रहा।

सरकारी आदेशों की अनदेखी करते हुए लगातार वित्तीय लेन-देन होने से प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड चौंकाने वाले

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मरवाही शाखा के खाता क्रमांक 11556672537 के रिकॉर्ड के अनुसार:

  • 01 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 के बीच लगभग 99 लाख 27 हजार रुपये का डेबिट
  • 27 मई 2024 से 12 जून 2025 के बीच 12 लाख 64 हजार रुपये का अतिरिक्त आहरण

इन आंकड़ों से कुल मिलाकर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है।

निजी खातों और संस्थानों में ट्रांसफर का आरोप

दस्तावेजों में यह भी संकेत मिले हैं कि सरकारी राशि का उपयोग केवल शिक्षा कार्यों में नहीं हुआ, बल्कि कुछ भुगतान:

  • पेट्रोल पंपों
  • टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसियों
  • और व्यक्तिगत खातों

में ट्रांसफर किए जाने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करती है।

नियमों की अनदेखी, संयुक्त हस्ताक्षर व्यवस्था की अवहेलना

शिक्षा विभाग के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान के खातों का संचालन हमेशा संयुक्त हस्ताक्षर प्रणाली से होना चाहिए। लेकिन मरवाही में इस व्यवस्था को दरकिनार किए जाने के आरोप लगे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह राशि मद-वार (Head-wise) योजनाओं जैसे भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष और जल संरक्षण के लिए निर्धारित होती है, जिसका गलत उपयोग नियमों का उल्लंघन है।

जांच के घेरे में पूर्व और वर्तमान जिम्मेदार अधिकारी

इस पूरे मामले में तत्कालीन और वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की भूमिका जांच के दायरे में है।

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रतिवेदन मांगा है और सभी बैंक लेन-देन की विस्तृत जांच की बात कही है।

जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला पंचायत CEO मुकेश रावटे ने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • सभी योजनाओं का व्यय नियमों के अनुसार होना चाहिए
  • यदि गाइडलाइन का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई तय है
  • शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा रही है