एमसीबी। जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर ग्राम कोडांगी (थाना खड़गवां), ग्राम पंचायत केलुआ और ग्राम पंचायत दुगला (थाना केल्हारी) में होने वाले तीन बाल विवाह समय रहते रोक दिए गए।
सूचना मिलते ही कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने संयुक्त टीम का गठन किया। ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में बनी टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, थाना केल्हारी व खड़गवां पुलिस, विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर के सदस्य, सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे।
टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों स्थानों पर बाल विवाह की प्रक्रिया रुकवाई और परिजनों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक गंभीर अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति—पंडित, टेंट संचालक, रिश्तेदार या अन्य सहयोगी—को 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह की वैधानिक आयु बालक के लिए 21 वर्ष और बालिका के लिए 18 वर्ष निर्धारित है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा और प्रतिवेदन भी तैयार किया गया।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह रोकने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी जानकारी को तत्काल टोल फ्री नंबर 1098 पर साझा करें। यह कार्रवाई न केवल तीन बाल विवाह रोकने में सफल रही, बल्कि समाज में सख्त संदेश भी दिया कि कानून के खिलाफ किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





