रायपुर। रायपुर मेडिकल कॉलेज में 200 सीटर छात्रावास के भूमिपूजन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने छात्रावास भवन की स्वीकृति वर्ष 2021 में दिए जाने का दावा करते हुए भाजपा सरकार पर श्रेय लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पलटवार करते हुए कहा कि श्रेय लेने की राजनीति कांग्रेस की पहचान रही है।
दरअसल, 6 जुलाई को Vishnu Deo Sai ने पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में 200 सीटर छात्रावास का भूमिपूजन किया था। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि छात्रावास भवन को वर्ष 2021 में ही स्वीकृति मिल चुकी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वीकृति पहले ही मिल चुकी थी तो अब दोबारा शिलान्यास क्यों किया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री को अधिकारियों द्वारा गुमराह किए जाने से बचने की सलाह भी दी।
CM साय का जवाब
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि छात्रावास भवन की स्वीकृति पूर्व मुख्यमंत्री Raman Singh के कार्यकाल में मिली थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को पांच साल का समय मिला, लेकिन परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया गया। छात्रों की मांग पर वर्तमान सरकार ने निर्माण कार्य शुरू कराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस श्रेय लेने की राजनीति करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने कई परियोजनाओं का बार-बार भूमिपूजन किया, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी साधा निशाना
स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal ने भी भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शर्मिंदा भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस को होना चाहिए। मंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2018 में ही छात्रावास की स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में निर्माण कार्य शुरू तक नहीं करा सकी।
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यदि भूपेश बघेल के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेज हैं तो वे सार्वजनिक करें। उन्होंने इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती भी दी और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई विकास परियोजनाओं को वर्षों तक लंबित रखा, जबकि वर्तमान सरकार उन्हें पूरा करने का काम कर रही है।





