May 18, 2026

Mohla-Manpur Naxal Update : कोहकाटोला के जंगल में नक्सल ठिकाने पर दबिश, इंसास राइफल और मंगेश का पत्र बरामद

Mohla-Manpur Naxal Update : मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र और बस्तर सीमा से लगे कोहकाटोला के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जवानों के पहुंचने की भनक लगते ही नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि सर्चिंग के दौरान पुलिस को नक्सल ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और नक्सली मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नेतृत्व को लिखा गया एक पत्र बरामद हुआ है।

संयुक्त टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रविवार शाम को की गई। सोमवार को पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि डीआरजी, सीएएफ और औंधी थाना पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल ठिकाने पर दबिश देने निकली थी। वहीं बस्तर के कांकेर जिले से भी सुरक्षा बलों का बैकअप लगाया गया था।

इलाके में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर जवानों ने घेराबंदी की, लेकिन सिविल ड्रेस में मौजूद नक्सली भागने लगे। जवानों ने उनका पीछा किया, मगर घने जंगल का फायदा उठाकर वे फरार हो गए।

ठिकाने से इंसास राइफल और कारतूस बरामद

सर्चिंग के दौरान पुलिस ने नक्सल ठिकाने से एक इंसास राइफल, 15 जिंदा कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की। पुलिस के अनुसार यह राइफल वर्ष 2010 में कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र के भुस्की गांव से लूटी गई थी, जिसे महिला नक्सली हिड़मे के पास रखा गया था।

मंगेश के पत्र से मिले अहम संकेत

पुलिस के मुताबिक मौके पर एसीएम स्तर के तीन नक्सली मंगेश, उसकी पत्नी हिड़मे और एक अन्य महिला नक्सली राजे मौजूद थे। पुलिस के पास इनकी तस्वीरें पहले से मौजूद हैं और भागते समय जवानों ने उनकी पहचान भी की।

सबसे अहम बरामदगी मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नक्सली नेतृत्व को लिखा गया एक पत्र है। पत्र में उसने आत्मसमर्पण को लेकर दिशा-निर्देश मांगे हैं। पत्र में लिखा गया है कि “सभी साथी आत्मसमर्पण कर रहे हैं, हमारे लिए क्या आदेश है?” इससे नक्सली संगठन के भीतर बढ़ते दबाव और असमंजस के संकेत मिल रहे हैं।

इलाके में अब गिने-चुने नक्सली सक्रिय

पुलिस अधीक्षक के अनुसार मोहला-मानपुर क्षेत्र में अब केवल 6 सक्रिय नक्सली ही बचे हैं। उन्होंने शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि स्पेशल जोनल कमेटी के नक्सली विजय रेड्डी के मारे जाने के बाद आरकेबी डिवीजन काफी कमजोर पड़ चुका है, हालांकि हिड़मे, राजे और कुछ अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रहती हैं।

नक्सल मुक्त होने को लेकर उठ रहे सवाल

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय समय सीमा में अब करीब एक पखवाड़ा ही बचा है। इसके बावजूद मोहला-मानपुर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या तय समय सीमा में यह इलाका पूरी तरह नक्सल मुक्त हो पाएगा।