March 5, 2026

“मोहला हत्याकांड, नगर निगम हंगामा और फरवरी से शादियों की रौनक: बस्तर-राजनांदगांव में खबरों की बजी शहनाई”

मोहला में युवक की बीच-बचाव करते समय हंसिया से हत्या

मोहला: दो लोगों के झगड़े में बीच-बचाव करने गए प्रवीण कुमार (27) की हंसिया से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना 01 फरवरी को रात 8-10 बजे मारडुम थाना क्षेत्र के मेंद्री घूमर मोड़ के पास हुई।

जानकारी के अनुसार प्रवीण कुमार अपने मित्र विमल मंडावी के साथ ग्राम सदाराम कोवाची के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। लौटते समय विजय सलामे और लोमश मंडावी के बीच विवाद हो रहा था। बीच-बचाव के दौरान लोमश मंडावी ने प्रवीण कुमार पर हंसिया से हमला कर दिया। प्रवीण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने आरोपी लोमश कुमार मंडावी (24) को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया और उसके पास से हंसिया जब्त की। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

नगर निगम की सामान्य सभा होगी हंगामेदार

राजनांदगांव: 9 फरवरी को नगर निगम में पहली सामान्य सभा आयोजित होने जा रही है। बजट के बाद यह पहला मौका है जब पार्षदों के सवाल और मुद्दे सदन में उठेंगे। विपक्षी दल सत्तापक्ष पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं, वहीं भाजपा पार्षद पहले ही रणनीति तय कर चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार इस बार प्रश्नकाल में कुल 25 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें अवैध प्लाटिंग, मोहारा फिल्टर प्लांट में एलम उपयोग, निराश्रित पेंशन, सफाई ठेका और शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

फरवरी से शादियों का मौसम, बाजार में भी बढ़ेगी रौनक

राजनांदगांव: 5 फरवरी से वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वर्ष 2026 में शादियों के लिए शुभ मुहूर्त अधिक हैं। फरवरी से दिसंबर तक विभिन्न तारीखों पर शुभ मुहूर्त हैं।

शादियों के बढ़ने से बाजार में भी हलचल बढ़ेगी। बर्तन, कपड़ा, सोना-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में खरीदारी बढ़ने की संभावना है। अगस्त से चातुर्मास और मई-जून के अधिवास के दौरान शुभ मुहूर्त नहीं होंगे।

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

खैरागढ़: एशिया के पहले संगीत विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक कर्मचारियों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन लगातार मानसिक उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

कर्मचारी संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाना नहीं, बल्कि संविधान, कानून और शैक्षणिक मूल्यों के अनुरूप विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

संघ ने आरोप लगाया कि प्रभारी कुलसचिव और सहायक कुलसचिव कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कर्मचारियों पर अनुचित कार्यभार लगाया जा रहा है और कई मामलों को जानबूझकर लंबित रखा गया है। इससे प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं और विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।