July 30, 2026

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सरपंचों का बड़ा प्रदर्शन, प्रशासन पर भ्रष्टाचार और अनदेखी के आरोप

मोहला। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में मंगलवार को सरपंच संघ ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तीनों विकासखंडों के सैकड़ों सरपंच जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला पंचायत कार्यालय तथा कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। सरपंचों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

सरपंचों का कहना है कि वे अपनी चार सूत्रीय मांगों और स्थानीय समस्याओं को लेकर पहले जिला पंचायत सीईओ से मिलने पहुंचे थे, लेकिन आरोप है कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना गया। इसके बाद सभी सरपंच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां घंटों इंतजार के बाद भी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज सरपंचों ने उग्र आंदोलन और सामूहिक इस्तीफे तक की चेतावनी दे दी।

प्रदर्शन के दौरान सरपंचों ने आरोप लगाया कि मनरेगा कार्यों में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनका कहना है कि कई मामलों में 2 से 5 प्रतिशत तक कमीशन पहले ही देना पड़ता है, जबकि भुगतान में 6 महीने से लेकर एक साल तक की देरी हो जाती है। भौतिक सत्यापन के बावजूद फाइलों में छोटी-छोटी त्रुटियां निकालकर भुगतान रोका जाता है और दस्तावेज बार-बार मांगे जाते हैं।

सरपंचों ने मानदेय बढ़ाने की मांग भी उठाई और कहा कि पंचायतों पर लगातार जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर सम्मान और सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार के “सुशासन तिहार” पर भी सवाल उठाते हुए इसे “कुशासन तिहार” बताया और कहा कि शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है।

कलेक्टर से मुलाकात न होने पर नाराज सरपंचों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें केवल प्रतिनिधिमंडल से मिलने का संदेश दिया गया, जिसे उन्होंने अपमानजनक माना। इसके बाद वे बिना ज्ञापन सौंपे ही लौट गए। सरपंच संघ ने बुधवार को होने वाली ग्राम सभाओं के बहिष्कार और प्रशासनिक कार्य बंद करने की घोषणा की है, हालांकि जनता से जुड़े जरूरी काम जारी रखने की बात कही गई है।

सरपंचों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिले में व्यापक आंदोलन, कलेक्टर के तबादले की मांग और सामूहिक इस्तीफे जैसे कदम उठाए जाएंगे।