नोएडा: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने 93 वर्ष की आयु में सुबह करीब 4 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं और उपचाराधीन थीं।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा बुधवार दोपहर 3 बजे नोएडा के सेक्टर-40 स्थित उनके आवास से निकलेगी। इसके बाद शाम करीब 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
राजनीतिक सफर: कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं
मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति की एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता रही हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं।
अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और जनहितकारी निर्णयों के लिए याद किया जाता है।
तीन बार सांसद, राज्यसभा में भी रही सक्रिय
मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुआ था। वे 1978 के उपचुनाव, 1980 और 1984 में मेरठ से लोकसभा सांसद चुनी गईं।
इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य भी रहीं। उन्होंने 2004 से 2010 और 2010 से 2016 तक राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाई।
नेताओं ने जताया शोक
किदवई के निधन पर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई एक वरिष्ठ, वफादार और समर्पित नेता थीं, जिनका पूरा जीवन जनसेवा के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि किदवई की सादगी, सौम्यता और गरिमापूर्ण राजनीतिक जीवन ने देश की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
सादगी और सेवा की मिसाल
मोहसिना किदवई को उनके सादगीपूर्ण जीवन और साफ-सुथरी छवि के लिए जाना जाता था। वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी की मजबूत स्तंभ रहीं और संगठन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।





