July 30, 2026

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री: दंतेवाड़ा से हुई दस्तक, कई जिलों में बारिश-आंधी का ऑरेंज और येलो अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार प्रदेश में प्रवेश कर लिया है। मौसम विभाग ने सोमवार को दंतेवाड़ा जिले से मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने की पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 22 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून दंतेवाड़ा पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा अलीबाग, पुणे, निजामाबाद, दंतेवाड़ा, बलांगीर, सुंदरगढ़, चतरा, गया और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

विभाग का अनुमान है कि आगामी दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही वर्षा का दायरा और अधिक विस्तृत होने की संभावना है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में भी मदद मिलेगी।

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा और सूरजपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, राजनांदगांव, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।

मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में गति मिलेगी।