May 13, 2026

“मोर गांव–मोर पानी” अभियान से बदली तस्वीर, मोहला-मानपुर जिले में जल स्तर में बड़ी बढ़ोतरी

रायपुर।
राज्य शासन के “मोर गांव–मोर पानी” महाअभियान के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मनरेगा और अन्य योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम किए गए हैं।

अभियान को “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” थीम के साथ संचालित किया गया, जिसके तहत पूरे जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को सीधे आजीविका से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया। सामुदायिक सहभागिता और प्रशासन की सक्रिय भूमिका के चलते यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

वर्षा जल संचयन को मिला बढ़ावा
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोखता गड्ढों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच और 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरचनाओं को सशक्त बनाया गया। जनजागरूकता के लिए रैली, कलश यात्रा, शपथ और दीपदान जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार
जलदूत ऐप के आंकड़ों के अनुसार, जिले में भू-जल स्तर में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में 1.81 मीटर और पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है।

तीनों विकासखंड अब ‘सेफ ब्लॉक’ में शामिल
अभियान के सकारात्मक परिणामों के चलते ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पहले सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में थे, अब “सेफ कैटेगरी” में शामिल हो गए हैं।

यह उपलब्धि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।