मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक के सगे भाई और परिजन ही निकले। करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित साजिश रचते हुए सुपारी देकर अपहरण के बाद अपने ही भाई की हत्या करा दी।
मामला थाना लालपुर क्षेत्र से लापता हुए सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत से जुड़ा है। उनकी तलाश के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और “त्रिनयन एप” की मदद से संदिग्ध वाहन की पहचान की, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले दामोदर सिंह और उनके बेटे के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाया। उन्होंने दामोदर को बेटे से जान का खतरा बताकर डराया और उनकी संपत्ति अपने नाम करवा ली। इतना ही नहीं, बेटे को संपत्ति से दूर रखने के लिए फर्जी वचनपत्र भी तैयार किया गया।
घटना के दिन आरोपियों ने दामोदर सिंह को सुनसान रास्ते में रोककर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को दूसरे जिले में ले जाकर जंगल में दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि यह लगे कि वह साधु बन गया है और कहीं चला गया है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन और सुपारी की नकदी भी जब्त की गई है।
फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।





