मुंगेली। बरेला से फास्टरपुर तक गुजरने वाला मुंगेली-बिलासपुर नेशनल हाईवे इन दिनों बदहाल सड़क, गहरे गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों के लिए परेशानी और हादसों की वजह बनता जा रहा है। सड़क की खराब स्थिति से नाराज लोग अब इसे “मौत का हाईवे” कहने लगे हैं। कई हिस्सों में सड़क अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है, जबकि जहां निर्माण हुआ है वहां भी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

हाईवे में सबसे खराब स्थिति बरेला क्षेत्र के आसपास देखी जा रही है। यहां कई जगह सड़क अधूरी पड़ी हुई है और बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक असंतुलित हो जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।

मुंगेली शहर में बिजली ऑफिस के सामने सड़क की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। सड़क पर बने गड्ढों में हल्की बारिश के बाद पानी भर जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है। भारी वाहनों के गुजरने पर छोटे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पड़ाव चौक से फास्टरपुर तक जाने वाले हिस्से में भी सड़क कई जगह उखड़ चुकी है। डामर निकलने और गड्ढे बनने से वाहन चालकों को झटके लग रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में हो रही देरी और खराब गुणवत्ता का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
सोढार स्थित निर्माणाधीन टोल नाके के पास बनी नई सड़क में भी दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क के बीचों-बीच लंबी दरारें निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। वहीं टोल नाके के आसपास मिट्टी के अस्थायी ब्रेकर और अधूरा निर्माण राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बारिश के दौरान यह इलाका कीचड़ और फिसलन में बदल जाता है।
कुछ दिन पहले आई तेज आंधी में निर्माणाधीन टोल प्लाजा का एक बड़ा बोर्ड टूटकर अधर में लटक गया था, जिसे अब तक नहीं हटाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कभी भी गिरकर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले निर्माणाधीन टोल नाके और जिला पंचायत कार्यालय के बीच सड़क पर बने गड्ढे के कारण हुए हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सड़क सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, बावजूद इसके टोल प्लाजा का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण नहीं हो जाती, तब तक टोल टैक्स वसूली शुरू नहीं की जानी चाहिए।
लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आगे और बड़े हादसे हो सकते हैं।
इस मामले में अपर कलेक्टर निष्ठा पांडेय तिवारी ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को पत्र लिखकर संबंधित समस्याओं को जल्द सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।





