मुंगेली। जिला अस्पताल में सिविल सर्जन का पद रिक्त होने और अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शीला साहा को वित्तीय अधिकार नहीं मिलने से लंबे समय से प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रभावित हो रहे थे। इस मामले को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद अब प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के अतिरिक्त प्रभार पर कार्यरत CMHO डॉ. शीला साहा को वित्तीय अधिकार प्रदान कर दिए हैं। इसके बाद अस्पताल में लंबे समय से अटके वित्तीय कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
CMHO डॉ. शीला साहा ने बताया कि उन्हें वित्तीय अधिकार मिल गए हैं। इससे वित्त से संबंधित जो कार्य रुके हुए थे, उन्हें अब आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की आवश्यक वित्तीय प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा और आगे वित्तीय कार्यों के रुकने की स्थिति नहीं रहेगी।
वेतन भुगतान का रास्ता साफ, जल्द जारी होने की उम्मीद
जिला अस्पताल में वित्तीय अधिकार नहीं होने का सबसे बड़ा असर अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ा था। जिला स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत कार्यरत 71 अधिकारी-कर्मचारियों को करीब दो माह से वेतन नहीं मिला है। वहीं जिला अस्पताल के 104 नियमित अधिकारी-कर्मचारियों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को भी करीब एक माह से वेतन का इंतजार था।
CMHO ने बताया कि वित्तीय अधिकार मिलने के बाद अब लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे अधिकारी-कर्मचारियों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ का रुका हुआ वेतन जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है। वित्तीय अधिकार मिलने से वेतन के साथ-साथ अस्पताल से जुड़े अन्य वित्तीय कार्य भी सुचारू रूप से संचालित किए जा सकेंगे।
सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुआ था सिविल सर्जन का पद
दरअसल, जिला अस्पताल के तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. एमके रॉय के सेवानिवृत्त होने के बाद करीब एक माह से यह पद रिक्त था। इसके बाद CMHO डॉ. शीला साहा को सिविल सर्जन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, लेकिन उनके पास आवश्यक वित्तीय अधिकार नहीं थे। इसके चलते अस्पताल से जुड़े कई वित्तीय और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।
अस्पताल की व्यवस्थाओं, लंबित वेतन और वित्तीय अधिकारों की समस्या को लेकर खबर सामने आने के बाद अब कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने CMHO को वित्तीय अधिकार प्रदान किए हैं। प्रशासन के इस कदम से अस्पताल की वित्तीय व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
ओटी में सीपेज और ब्लड बैंक की फॉल सीलिंग की समस्या
जिला अस्पताल की वित्तीय समस्याओं के अलावा भवन और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी सामने आए थे। 100 बिस्तर वाले मातृत्व एवं शिशु अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सीपेज की समस्या के कारण वहां होने वाले मरीजों के ऑपरेशन फिलहाल जिला अस्पताल के पुराने ऑपरेशन थिएटर में किए जा रहे हैं।
वहीं जिला अस्पताल के ब्लड बैंक कक्ष में सीपेज के कारण फॉल सीलिंग का प्लास्टर गिरने की घटना भी सामने आई थी। महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाई में इस तरह प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा टल गया था। ब्लड बैंक जैसे संवेदनशील कक्ष में भवन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे।
सीजीएमएससी को लिखा पत्र, जिला स्तर पर होंगे जरूरी मरम्मत कार्य
CMHO डॉ. शीला साहा ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में सीपेज और ब्लड बैंक कक्ष की फॉल सीलिंग की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिन मरम्मत कार्यों को जिला स्तर पर कराया जा सकता है, उन्हें अब वित्तीय अधिकार मिलने के बाद जिला स्तर से कराया जाएगा। वहीं जिन कार्यों के लिए उच्च कार्यालय की स्वीकृति या कार्रवाई जरूरी है, उनके लिए संबंधित उच्च कार्यालयों से भी पत्राचार किया गया है।
प्रशासन की पहल से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
जिला अस्पताल की वित्तीय और आधारभूत व्यवस्थाओं को लेकर सामने आई समस्याओं के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले को गंभीरता से लिया। वित्तीय अधिकार देकर प्रशासन ने रुके हुए वित्तीय कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
वित्तीय अधिकार मिलने से जहां लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान का रास्ता साफ हुआ है, वहीं अस्पताल के रोजमर्रा के वित्तीय कार्य भी सुचारू रूप से संचालित किए जा सकेंगे। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर के सीपेज और ब्लड बैंक की फॉल सीलिंग की मरम्मत को लेकर भी संबंधित स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जिला अस्पताल जिले का प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सिविल सर्जन का पद रिक्त होने, वित्तीय अधिकारों की कमी, वेतन भुगतान में देरी और महत्वपूर्ण इकाइयों में भवन संबंधी समस्याओं ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब वित्तीय अधिकार मिलने के बाद लंबित वेतन और अन्य वित्तीय कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, अस्पताल की भवन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान और लंबित वेतन का वास्तविक भुगतान कब तक होता है, यह देखने वाली बात होगी।





