September 6, 2026

नेवासपुर स्कूल में जलभराव पर मचा सियासी बवाल, कांग्रेस के पोस्ट के बाद कलेक्टर का एक्शन

मुंगेली। जिले के ग्राम नेवासपुर स्थित माध्यमिक शाला में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव और कीचड़ की समस्या अब राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गई है। कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कलेक्टर कुन्दन कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, इंडियन नेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर नेवासपुर स्कूल की तस्वीरें साझा करते हुए उपमुख्यमंत्री के गृह जिले की शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। पोस्ट में कहा गया कि “उपमुख्यमंत्री, आपका जिला ही आपकी सरकार की सच्चाई बता रहा है। नेवासपुर में बच्चों का भविष्य बदहाल व्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है और सरकार सिर्फ विकास के दावे कर रही है।”

मामला सामने आते ही कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय की अव्यवस्था की जानकारी समय पर जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विमित्रा घृतलहरे, विद्यालय के प्रधान पाठक और संबंधित संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

प्रशासन के अनुसार, नेवासपुर का माध्यमिक विद्यालय लो-लाइन क्षेत्र में स्थित है। पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश के कारण विद्यालय परिसर में पानी भर गया और चारों ओर कीचड़ फैल गया, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानी हुई। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर इसकी जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी।

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि पूर्व में समीक्षा बैठक के दौरान सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और विद्यालय प्रमुखों को नियमित निरीक्षण तथा किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके नेवासपुर स्कूल की स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

साथ ही विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को विद्यालयों का नोडल अधिकारी बनाकर नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।