January 17, 2026

Mungeli News: शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक, वीडियो वायरल होने पर DEO ने किया निलंबित

मुंगेली।
मुंगेली जिले के शिक्षा विभाग की साख को झटका देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विकासखंड लोरमी के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला लाखासार में पदस्थ सहायक शिक्षक लक्ष्मण कोलाम के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला 05 जनवरी 2026 का बताया जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मुंगेली एलपी डाहिरे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया है।


▶ जांच में आरोप सही, अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

मामले की पुष्टि करते हुए बीईओ लोरमी ने शिक्षक के कृत्य की जानकारी मौखिक रूप से जिला शिक्षा अधिकारी को दी और संबंधित शिक्षक के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शराब के नशे में विद्यालय पहुंचना शासकीय सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इस आचरण को

  • विद्यार्थियों की सुरक्षा
  • विद्यालय के अनुशासन
  • और शिक्षा विभाग की सार्वजनिक छवि

के लिए गंभीर खतरा माना गया।


▶ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन

जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को गंभीर मानते हुए बताया कि सहायक शिक्षक द्वारा किया गया यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1), (2) और (3) का उल्लंघन है।

इसके चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (नियंत्रण, वर्गीकरण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09(क) के तहत लक्ष्मण कोलाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।


▶ निलंबन अवधि में BEO कार्यालय होगा मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान

  • शिक्षक का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, लोरमी निर्धारित किया गया है
  • नियमों के अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा

▶ शिक्षा विभाग का सख्त संदेश

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को यह स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि

शिक्षकों के अनुशासन, आचरण और विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


News Highlights

  • लोरमी के प्राथमिक स्कूल में शराबी शिक्षक का मामला
  • वीडियो वायरल होने पर शिक्षा विभाग में हड़कंप
  • DEO ने सहायक शिक्षक को किया निलंबित
  • सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन की पुष्टि
  • शिक्षा विभाग का सख्त रुख