मुंगेली, छत्तीसगढ़ | 5 फरवरी 2026 | संवाददाता:
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मुंगेली जिले में पुलिस बल की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। जिले में वीआईपी और वीवीआईपी दौरे की अधिकता के कारण पुलिस पहले से ही दबाव में है, वहीं स्वीकृत पदों के मुकाबले आधा ही बल जमीनी स्तर पर उपलब्ध है। इससे थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
डीएसपी और वरिष्ठ अधिकारियों की स्थिति
मुंगेली में 5 डीएसपी पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में तीन डीएसपी पोस्टेड हैं:
- एक डीएसपी मातृत्व अवकाश पर
- हरविंदर सिंह लोरमी में एसडीओपी के रूप में कार्यरत
- मयंक तिवारी हाल ही में प्रमोट होकर एडिशनल एसपी बन चुके हैं, लेकिन फिलहाल मुंगेली में सेवा दे रहे हैं
इससे जिले में यह असमंजस पैदा हो गया है कि मयंक तिवारी डीएसपी के रूप में कार्य करें या नवीन पोस्टिंग के अनुसार एडिशनल एसपी के पद पर जाएं।
निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर पर कमी
| पद | स्वीकृत | पदस्थ | रिक्त |
|---|---|---|---|
| निरीक्षक (TI) | 12 | 6 | 6 |
| उप निरीक्षक | 30 | 15 | 15 |
| सहायक उप निरीक्षक | 45 | 36 | 9 |
जिले के आधे थानों में स्थायी निरीक्षक और उप निरीक्षक नहीं हैं, जिससे थाना संचालन और अपराध विवेचना प्रभावित हो रही है।
आरक्षक स्तर पर अंतर
| पद | स्वीकृत | पदस्थ | रिक्त |
|---|---|---|---|
| आरक्षक | 442 | 390 | 52 |
फील्ड ड्यूटी के लिए बल की भारी कमी है। वीआईपी दौरे और राजनीतिक गतिविधियों के दौरान यह और भी अधिक महसूस होती है।
राजनीतिक महत्व और वीआईपी दौरों का प्रभाव
मुंगेली जिले का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि:
- लोरमी विधायक अरुण साव, राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री हैं
- केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी इसी जिले से आते हैं
इन कारणों से जिले में वीआईपी दौरों की संख्या लगातार अधिक रहती है। इन दौरों के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल वीआईपी सुरक्षा में तैनात रहता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों और थानों में कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है।
आईजी का बयान
हाल ही में जिले का दौरा करने आए बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा:
“हम रिक्त पदों की पूर्ति और संसाधन बढ़ाने के लिए कदम उठा रहे हैं। जल्द ही फील्ड ड्यूटी के लिए बल पर्याप्त होगा। वीआईपी सुरक्षा और आम नागरिक सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करेंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्दी स्वीकृत पदों के अनुसार तैनाती नहीं की गई, तो आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था संभालना और चुनौतीपूर्ण होगा





