July 23, 2026

बंगाल की खाड़ी में बड़ा नाव हादसा, 500 से अधिक रोहिंग्या के डूबने की आशंका; UNHCR-IOM ने जताई चिंता

नई दिल्ली। म्यांमार से पलायन कर रहे रोहिंग्या शरणार्थियों से जुड़ा एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में दो नौकाओं के डूबने से 500 से अधिक रोहिंग्या लोगों के लापता होने और मृत होने की आशंका है। यह हादसा 8 जुलाई 2026 के आसपास हुआ था, जिसकी पुष्टि अब संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने की है।

रखाइन से निकली थीं दोनों नावें

संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नावें जून के अंतिम सप्ताह में म्यांमार के रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं। इनमें रोहिंग्या समुदाय के लोग सवार थे। कुछ यात्री बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी इस यात्रा में शामिल हुए थे।

पहली नाव में लगभग 250 लोग सवार थे। रवाना होने के कुछ समय बाद ही इस नाव से संपर्क टूट गया और इसके बंगाल की खाड़ी में डूब जाने की आशंका जताई गई।

दूसरी नाव में थे 280 यात्री

दूसरी नाव में करीब 280 लोग सवार थे। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के मुताबिक, यह नाव 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी (Ayeyarwady) तट के निकट समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दोनों नावों में सवार कुल करीब 530 लोग लापता हैं और उनके जीवित बचने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।

UNHCR और IOM ने जताई गहरी चिंता

UNHCR और IOM ने संयुक्त बयान जारी कर इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दोनों एजेंसियों ने कहा कि बेहतर सुरक्षा और संरक्षण की तलाश में रोहिंग्या समुदाय के लोग लगातार जोखिम भरी समुद्री यात्राएं करने को मजबूर हैं। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से समुद्री बचाव अभियान मजबूत करने और शरणार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

आधिकारिक खोज अभियान की जानकारी नहीं

फिलहाल स्थानीय प्रशासन या संबंधित देशों की ओर से बचाव अभियान और मृतकों की आधिकारिक संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां इस घटना की निगरानी कर रही हैं और प्रभावित परिवारों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।