रायपुर। मैनपाट के राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से राजस्व अधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जिससे राजस्व समेत कई शासकीय कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
संघ का कहना है कि घटना के विरोध में 29 मई को प्रदेशव्यापी सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया था और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों में आक्रोश व्याप्त है। संघ ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों का मनोबल कमजोर होगा और भय का माहौल बनेगा।
मामला मैनपाट की राजापुर उप तहसील का है। आरोप है कि सीतापुर विधायक Ramkumar Toppo की चचेरी बहन सीमा धनकी जमीन संबंधी कार्य के लिए उप तहसील कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान उनका नायब तहसीलदार तुषार मानिक से विवाद हो गया। सीमा धनकी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और काम के लिए बार-बार चक्कर लगवाए गए।
विवाद की जानकारी मिलने पर विधायक समर्थक उप तहसील कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि बाद में नायब तहसीलदार तुषार मानिक को वापस बुलाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। तुषार मानिक का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थक पूर्व नियोजित तरीके से मारपीट करने पहुंचे थे। वहीं विधायक पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है।
घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने काउंटर एफआईआर दर्ज की है। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ महिलाओं से संबंधित अपराध, सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता और आपराधिक धमकी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रदेशभर में शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते नामांतरण, बंटवारा, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





