September 4, 2026

नम्रता सिंह जैन के ST प्रमाण पत्र विवाद में बड़ा फैसला, उच्च स्तरीय समिति ने गोंड आदिवासी दावे को माना सही

मोहला-मानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन के अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से चली जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने नम्रता सिंह जैन के गोंड अनुसूचित जनजाति के दावे को सही माना है।

नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र को लेकर पिछले काफी समय से शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतकर्ताओं ने उनके ST प्रमाण पत्र पर सवाल उठाते हुए दस्तावेजों, पारिवारिक पृष्ठभूमि और स्थानीय रिकॉर्ड की जांच की मांग की थी। मामला इसके बाद उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के समक्ष पहुंचा।

दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की हुई जांच

समिति ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का परीक्षण किया। दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया।

लंबी जांच प्रक्रिया के बाद 19 अगस्त को समिति की ओर से जारी आदेश में नम्रता सिंह जैन के गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की पात्रता को सही माना गया। उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर समिति ने उनके जाति दावे को स्वीकार कर लिया।

जांच पूरी होने तक प्रमाण पत्र नहीं हुआ था रद्द

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि जांच के दौरान नम्रता सिंह जैन को दोषी नहीं माना गया था और उनका जाति प्रमाण पत्र भी रद्द नहीं किया गया था। अब उच्च स्तरीय समिति के निष्कर्ष के बाद उनके ST प्रमाण पत्र को लेकर चल रहा विवाद काफी हद तक स्पष्ट हो गया है।

चुनाव के बाद उठे थे जाति प्रमाण पत्र पर सवाल

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के बाद नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें की गई थीं। शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई और इसे उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति तक ले जाया गया।

अब समिति की जांच में नम्रता सिंह जैन का गोंड ST जाति दावा सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ लगाए गए जाति प्रमाण पत्र संबंधी आरोपों पर स्थिति साफ हो गई है।