September 4, 2026

नारायणपुर में तेंदुए की खाल तस्करी का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; दो बाइक और 184 सेंटीमीटर लंबी खाल बरामद

नारायणपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की सतर्क टीम ने तेंदुए की खाल की तस्करी की कोशिश को नाकाम करते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक पूरी तरह सुरक्षित तेंदुए की खाल बरामद की गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई वन मंत्री केदार कश्यप के वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ दिए गए सख्त निर्देशों के तहत की गई। विभाग की टीम वन्यजीव अपराधों पर लगातार निगरानी रख रही है और तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

गायातापारा मार्ग पर संदिग्धों को पकड़ा

जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान धौड़ाई रेंज के गायातापारा मार्ग के पास तीन संदिग्ध व्यक्ति नजर आए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर गश्ती दल ने उन्हें रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से तेंदुए की खाल बरामद हुई। आरोपी इसे दो मोटरसाइकिलों के जरिए ले जाने की कोशिश कर रहे थे। तस्करी में इस्तेमाल की गई बाइकों के नंबर CG-21/J-4096 और CG-21/J-0920 बताए गए हैं।

184 सेंटीमीटर लंबी थी तेंदुए की खाल

वन विभाग के अनुसार, बरामद तेंदुए की खाल पूरी तरह सुरक्षित थी। इसकी कुल लंबाई 184 सेंटीमीटर, आगे के पैरों की ओर चौड़ाई 125 सेंटीमीटर, पिछले पैरों की ओर चौड़ाई 118 सेंटीमीटर और पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर दर्ज की गई है।

खाल के आकार के आधार पर इसके वयस्क तेंदुए की होने की बात सामने आई है। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

तीन आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनूराम काचलाम (39) और पुनीत कुमार बघेल (32), दोनों निवासी छोटेडोंगर, तथा जमधर पोताई (50) निवासी धौड़ाई के रूप में हुई है।

वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 9, 11, 39, 40(2), 44, 48(ए), 49(ए), 49(बी), 50 और 51 शामिल हैं।

कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को नारायणपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को अधिकतम सात वर्ष तक की सजा हो सकती है।

तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रहा वन विभाग

मामले की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है। वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि तेंदुए की खाल कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन्यजीव अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। जंगलों में गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि अवैध शिकार और वन्यजीवों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।