July 23, 2026

राजीव भवन घेराव बवाल: कांग्रेस नेताओं पर FIR का विरोध, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज

रायपुर। भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय (राजीव भवन) घेराव के दौरान हुए बवाल के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे सरकार की “फासीवादी नीति” बताते हुए कड़ी निंदा की है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर हिंसा और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन पर हमला किया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए और पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से करेगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ट्रैक्टर में पत्थर भरकर लाए थे और कांग्रेस कार्यालय पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज करना सरकार की फासीवादी सोच को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

भाजपा का पलटवार

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डंडे लहराए और पुलिस प्रशासन को धमकाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले अधिकांश अपराधों के पीछे कांग्रेस से जुड़े लोगों का नाम सामने आता है।

अरुण साव ने कहा कि सड़क हो या सदन, कांग्रेस का आचरण जनता देख रही है और इसका जवाब प्रदेश की जनता उचित समय पर देगी।

सियासी माहौल गरमाया

राजीव भवन घेराव के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस जहां निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं भाजपा कानून के अनुसार कार्रवाई का समर्थन कर रही है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।