बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आयोजित प्रथम नेशनल जंबूरी के तीसरे दिन रविवार को ‘युवा संसद’ कार्यक्रम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस विशेष सत्र में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वयं सदन की कार्यवाही का संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा भी उपस्थित रहे।
देश-विदेश से आए रोवर-रेंजर युवाओं ने संसद की कार्यप्रणाली को करीब से समझते हुए ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर गहन चर्चा की। युवाओं ने प्रश्नकाल, विधेयक प्रस्तुति और चर्चा की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से सीखा।
युवाओं की एकजुटता देश की ताकत : डॉ. रमन सिंह
डॉ. रमन सिंह ने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए ये युवा एक खूबसूरत गुलदस्ते की तरह नजर आ रहे हैं, जो भारत की एकता और अखंडता का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि एक ही टेंट में रहकर सीमित संसाधनों में जीवन जीना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान करना युवा शक्ति को और अधिक सशक्त बना रहा है।
सरकार-विपक्ष की बहस, बिना बहिष्कार
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “यदि ऐसी युवा शक्ति हो, तो देश का विभाजन असंभव है। यहां बच्चे एक-दूसरे की संस्कृति को समझ रहे हैं।”
उन्होंने हल्के हास्य के साथ कहा, “अक्सर सड़क पर होने वाली पक्ष-विपक्ष की बहस में विपक्ष बहिष्कार कर देता है, लेकिन यहां सभी ने मिलकर सकारात्मक चर्चा की।”
डॉ. रमन सिंह ने आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि बच्चों को विधानसभा के मुख्य सचिव और कर्मचारियों की भूमिका निभाते देखना एक दुर्लभ और प्रेरणादायी अनुभव रहा।
प्रधानमंत्री की भूमिका निभाकर युवाओं ने दिखाया उत्साह
युवा संसद में प्रधानमंत्री की भूमिका निभाने वाली मोनिका चौहान समेत अन्य प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी भूमिकाएं निभाईं।
नेशनल जंबूरी में देशभर से सैकड़ों युवा शामिल हो रहे हैं, जो लोकतंत्र की समझ को मजबूत करने और भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।





