रायपुर। नवा रायपुर के रहवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें जमीन, मुआवजा या अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार रायपुर शहर या आसपास की तहसीलों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य सरकार ने नवा रायपुर को नई तहसील बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है।
नई व्यवस्था के बाद रायपुर जिले में रायपुर, मंदिर हसौद, अभनपुर, धरसींवा, तिल्दा-नेवरा के साथ नवा रायपुर भी एक अलग तहसील के रूप में काम करेगा। अब तक इस क्षेत्र के लोगों को राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के लिए अन्य तहसीलों में जाना पड़ता था, लेकिन नई तहसील बनने से स्थानीय स्तर पर ही काम निपटाए जा सकेंगे।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नई तहसील बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले प्रस्तावित तहसील की सीमाओं को लेकर दावा-आपत्ति मंगाई गई थी, जिनका निराकरण करने के बाद अंतिम निर्णय लिया गया।
39 गांव होंगे शामिल
नई तहसील में राजस्व निरीक्षक मंडल के 20 पटवारी हल्कों के अंतर्गत कुल 39 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें फ्लौद-परसदा, पलौद, चींचा, बरौंदा, रमचंडी, कयाबांधा, झांझ, नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी, कोटराभाटा, तांदुल, छतौना, केंद्री, परसठ्ठी, निमोरा, उपरवारा, तूता, झांकी, खंडवा, भेलवाडीह, पचेड़ा, पांता, बंजारी, तेंदुआ, कुरूं, सेरीखेड़ी, नकटी, टेमरी, धरमपुरा, बनरसी, कांदुल माना समेत अन्य गांव शामिल हैं।
लोगों को होंगे कई फायदे
नई तहसील बनने से क्षेत्र के लोगों को राजस्व और प्रशासनिक कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जमीन नामांतरण, खसरा सुधार, बटांकन, डायवर्सन जैसे काम तेजी से हो सकेंगे। इसके साथ ही मूल निवासी, जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाने में भी सुविधा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होने से कानून-व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।





