मिसिर बेसरा के सरेंडर के लिए नई रणनीति
जगदलपुर। कुख्यात नक्सली और 1 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा को मुख्यधारा में लाने के लिए झारखंड पुलिस ने नई रणनीति अपनाई है। इसके तहत पुलिस ने उसके परिजनों से मुलाकात कर सरेंडर के लिए अपील करवाई है।
परिजनों से की गई भावनात्मक अपील
जगदलपुर। पुलिस ने परिजनों से कहा है कि वे मिसिर बेसरा को समझाएं और हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें। इस रणनीति में भावनात्मक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
कमजोर दौर में माओवादी संगठन
जगदलपुर। जानकारी के अनुसार माओवादी संगठन इस समय अपने सबसे कमजोर दौर में है। जहां पहले कई पोलित ब्यूरो मेंबर सक्रिय थे, अब केवल दो बड़े चेहरे ही बचे हैं।
तीन राज्यों की संयुक्त कोशिश
जगदलपुर। छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना पुलिस मिलकर बड़े नक्सली नेताओं को सरेंडर कराने के लिए दबाव और संवाद दोनों रणनीतियों पर काम कर रही है। सरकार द्वारा तय डेडलाइन भी अब नजदीक बताई जा रही है।
हिड़मा मॉडल पर काम
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सली हिड़मा को सरेंडर कराने के लिए उसके गांव जाकर परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान जनचौपाल लगाकर परिवार के जरिए सरेंडर की अपील की गई थी।
परिवार की अपील कितना करेगी असर?
जगदलपुर। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवार की भावनात्मक अपील मिसिर बेसरा पर कितना असर डालती है और क्या वह हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला करता है।





