जगदलपुर। नक्सल मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। 18 वर्षीय महिला माओवादी मुडियम रामे उर्फ राजिता के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ कैडर के 47 और नक्सली भी समर्पण की तैयारी में हैं। इस घटनाक्रम का असर बस्तर क्षेत्र पर भी पड़ने की संभावना है, क्योंकि समर्पण करने वाले कई नक्सली यहां सक्रिय रहे हैं।
तेलंगाना के मुलुगु जिले में मुडियम रामे उर्फ राजिता ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। मुलुगु एसपी सुधीर रामनाथ केकान ने उसे 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
बीजापुर जिले के बसागुड़ा क्षेत्र की रहने वाली राजिता साउथ बस्तर डिवीजनल कमेटी की सदस्य थी और 9वीं प्लाटून में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। पुलिस ने पुनर्वास योजना के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है।
सूत्रों के मुताबिक, राजिता के आत्मसमर्पण के बाद हैदराबाद में बड़े पैमाने पर माओवादी समर्पण की तैयारी है। इसमें बटालियन नंबर-1 के कमांडर हेमला वेज्जा समेत छत्तीसगढ़ कैडर के 47 माओवादी 34 हथियारों के साथ सरेंडर करेंगे। यह कार्यक्रम तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी की मौजूदगी में आयोजित होगा।
इस संभावित समर्पण को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।





