September 4, 2026

NEET UG काउंसलिंग को लेकर सियासत तेज: NSUI करेगी स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव, जायसवाल बोले- ‘लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में NEET UG काउंसलिंग 2026 में डोमिसाइल और अन्य दस्तावेजों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI मंगलवार को प्रदर्शन करने जा रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा है।

घड़ी चौक से निकलेगी NSUI की रैली

जानकारी के मुताबिक NSUI कार्यकर्ता NEET अभ्यर्थियों के साथ मंगलवार को राजधानी के घड़ी चौक से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सरकारी आवास का घेराव करने के लिए निकलेंगे। संगठन की मांग है कि मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और डोमिसाइल समेत सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए।

‘किसी भी तरह का लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा’

प्रदर्शन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने बताया कि इस बार पहली बार राजस्व विभाग की टीम भी एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होगी, जिससे अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का गहन सत्यापन किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि दस्तावेजों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एडमिशन प्रक्रिया में किसी भी तरह का लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा।

‘एडमिशन शुरू भी नहीं हुआ और घेराव की तैयारी’

मंत्री जायसवाल ने NSUI के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है और घेराव की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं को भ्रमित कर एडमिशन प्रक्रिया को विवादों में डालने और जानबूझकर इसमें देरी कराने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग साजिश के जरिए जेन-जी युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने इसे ‘दिमागी नक्सलवाद’ से जोड़ते हुए प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा।

मूल निवासी और कैटेगरी प्रमाण-पत्र की होगी जांच

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल प्रवेश के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र और कैटेगरी/संवर्ग प्रमाण-पत्र की भी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षित या राज्य कोटे की सीटों का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही मिले।

प्रदेश में शुरू होंगे 5 नए मेडिकल कॉलेज

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार एक साथ 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा इस वर्ष 7 फिजियोथेरेपी कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सीटों और संस्थानों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।