May 13, 2026

नेपाल में बालेन शाह सरकार का नया सख्त नियम, भारतीयों के लिए सीमा जांच अनिवार्य

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को लेकर सोशल मीडिया और कई समाचार रिपोर्टों में भारत-नेपाल संबंधों पर उनकी सख्त छवि दिखाई जा रही है। हालांकि, इस तरह की खबरों को पूरी तरह समझने के लिए कुछ बातों को संदर्भ सहित देखना जरूरी है।

  • बालेन शाह ने 2022 में “ग्रेटर नेपाल” वाला नक्शा शेयर किया था, जिसके बाद भारत में उनकी आलोचना हुई थी।
  • काठमांडू मेयर रहते उन्होंने फिल्म आदिपुरुष के एक संवाद को लेकर नेपाल में प्रदर्शन पर रोक लगाने का फैसला किया था।
  • नेपाल की नई सरकार ने सीमा क्षेत्रों में पहचान पत्र जांच और कस्टम नियमों को सख्त किया है। इसके तहत भारतीय नागरिकों को सीमा पार करते समय पहचान पत्र रखना पड़ सकता है और अधिक मूल्य के सामान पर शुल्क लगाया जा सकता है।

हालांकि, भारत और नेपाल के बीच 1751 किमी लंबी खुली सीमा पूरी तरह बंद नहीं की गई है। दोनों देशों के नागरिक अब भी विशेष वीजा के बिना आ-जा सकते हैं, लेकिन सुरक्षा जांच और दस्तावेज सत्यापन बढ़ाया गया है।

कालापानी और लिपुलेख विवाद नेपाल की कई सरकारें पहले भी उठाती रही हैं। बालेन शाह सरकार ने भी इस मुद्दे को दोहराया है।

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की प्रस्तावित नेपाल यात्रा टलने की खबर भी सामने आई थी, जिसे लेकर दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा तेज हुई।

कुल मिलाकर, अभी भारत-नेपाल संबंध पूरी तरह खराब होने जैसी स्थिति नहीं मानी जा रही है, लेकिन नई नेपाली सरकार की नीति पहले की तुलना में अधिक राष्ट्रवादी और कड़ा रुख दिखा रही है।