रायपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 09 मई को देशभर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा), बिलासपुर के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत का आयोजन होगा। यह कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी लोक अदालत होगी।
इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह और राजीनामा के माध्यम से त्वरित निपटारा कराना है, ताकि पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय मिल सके।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस), शमनीय आपराधिक मामले, धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता, वैवाहिक विवाद, बैंक रिकवरी, सिविल विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक चालान, बिजली बिल, जल कर, संपत्ति कर और नगर निकायों से जुड़े वसूली मामलों का भी समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के लंबित वसूली प्रकरणों को भी शामिल किया गया है। पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवादों का निपटारा करा सकेंगे।
राजस्व न्यायालयों में खातेदारों के बीच बंटवारा, उत्तराधिकार से जुड़े विवाद और अन्य संपत्ति संबंधी मामलों का भी समाधान लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा।
लोक अदालत में खंडपीठों का गठन किया गया है, जहां सभी प्रकार के राजीनामा योग्य मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आने वाले शमनीय अपराध, रेंट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार, नामांतरण से जुड़े मामले, तथा विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा आधारित विवाद भी शामिल हैं।
विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराएं और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में सहयोग करें।





