May 15, 2026

New Vehicle Rules: अब डीलर नहीं बना पाएंगे बीमा-एसेसरीज का दबाव, शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर। नए वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब कोई भी वाहन डीलर ग्राहकों पर बीमा या एसेसरीज खरीदने के लिए दबाव नहीं बना सकेगा।

शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने सभी पंजीयन प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि किसी डीलर द्वारा ग्राहकों पर इंश्योरेंस या एसेसरीज खरीदने का दबाव बनाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 34 से 44 के तहत की जाएगी।

CM तक पहुंची शिकायत के बाद आदेश
जानकारी के अनुसार, कई डीलर शोरूम से वाहन खरीदते समय ग्राहकों को बीमा और अन्य एसेसरीज लेने के लिए मजबूर कर रहे थे। इस संबंध में एक शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, जिसके बाद विभाग ने यह आदेश जारी किया।

बीमा और एसेसरीज खरीदना पूरी तरह वैकल्पिक
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन खरीदार को किसी विशेष डीलर या स्रोत से बीमा या एसेसरीज खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यह अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।

क्या कहता है नियम
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 39 के अनुसार बिना पंजीयन वाहन चलाना अवैध है, लेकिन पंजीयन के लिए एसेसरीज खरीदना अनिवार्य नहीं है।
सीट कवर, म्यूजिक सिस्टम, क्रैश गार्ड, साड़ी गार्ड, फुट रेस्ट जैसी एसेसरीज पूरी तरह वैकल्पिक हैं और इन्हें खरीदना या न खरीदना ग्राहक के विवेक पर निर्भर करता है।

बीमा पर भी ग्राहक की स्वतंत्रता
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, बीमा पॉलिसी खरीदना पूरी तरह ग्राहक की पसंद है। किसी भी उत्पाद या सेवा के साथ बीमा को अनिवार्य रूप से जोड़ना नियमों के खिलाफ है।