May 18, 2026

हाईवे किनारे कारोबार करना हुआ आसान, NHAI ने लॉन्च किया ‘राजमार्ग प्रवेश’ पोर्टल का अपग्रेड वर्जन

एनएचएआई ने लॉन्च किया अपग्रेड पोर्टल
रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मकान या व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ‘राजमार्ग प्रवेश’ पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया है। इसके जरिए अब मकान, पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट, रेस्ट एरिया, होटल और ढाबों के लिए कनेक्टिंग रोड की एनओसी ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।

अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
रायपुर। नए पोर्टल के माध्यम से आवेदकों को अब एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजमार्ग प्रवेश पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने से पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार हर साल लगभग 600 से अधिक आवेदन आते हैं, जिनके लिए पहले लोगों को कार्यालय आना पड़ता था।

एक ही पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया
रायपुर। पहले किसी व्यक्ति या संस्था को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे व्यवसाय शुरू करने या कनेक्शन लेने के लिए कई विभागों से अलग-अलग अनुमति लेनी पड़ती थी। इससे प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती थी। अब नई व्यवस्था के तहत सभी प्रक्रियाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। आवेदक अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर ही ट्रैक कर पाएंगे।

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
रायपुर। इस पोर्टल के शुरू होने से हाईवे किनारे पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया और फूड कोर्ट जैसी सुविधाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को ईंधन, भोजन और आराम के लिए अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
रायपुर। हाईवे किनारे नई परियोजनाओं के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं को व्यापार बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए भी आसान प्रक्रिया
रायपुर। ‘राजमार्ग प्रवेश’ पोर्टल के माध्यम से अब टेलीकॉम कंपनियां हाईवे किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए अनुमति ले सकेंगी। इसके अलावा गैस या पानी की पाइपलाइन बिछाने और बिजली लाइन स्थापित करने जैसी परियोजनाओं के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इससे मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाएं समय पर पूरी होने की संभावना बढ़ेगी।