March 3, 2026

NIT सिक्किम में स्मार्ट एग्रीकल्चर पर AI वर्कशॉप, डॉ के पी यादव ने किसानों और शोधकर्ताओं को किया प्रेरित

सिक्किम। NIT सिक्किम में एक सप्ताह तक चलने वाली वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “इंटेलिजेंट रोबोटिक्स इन स्मार्ट एग्रीकल्चर: द फ्यूचर ऑफ फार्मिंग”। इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ के पी यादव मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए।

डॉ के पी यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान कृषि व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक खेती को स्मार्ट खेती में बदलने वाला एक “गेम-चेंजर” है। AI का मुख्य योगदान उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और संसाधनों के कुशल प्रबंधन में है। यह मिट्टी की नमी, तापमान और पोषक तत्वों का विश्लेषण कर किसान को सटीक जानकारी प्रदान करता है, जिससे उर्वरक और पानी की बर्बादी कम होती है।

हालांकि भारत में केवल 2% किसान ही AI का उपयोग कर पा रहे हैं। इसके पीछे डेटा संग्रह की सीमाएं और तकनीकी कौशल की कमी प्रमुख बाधाएं हैं। वर्कशॉप में सिक्किम के विभिन्न स्थलों से अनुसंधानकर्ता शामिल हुए, जिन्हें डॉ के पी यादव ने नए शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया।

इस प्रोग्राम का आयोजन ANRF के तत्वाधान में किया गया, और NIT सिक्किम के डायरेक्टर प्रो. एम सी गोविल एवं प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ विशाल विश्नोई ने भी डॉ यादव के उद्बोधन को उपयोगी बताया। इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय के गजराज पगारिया, महानिदेशक प्रियेश पगारिया और कुलसचिव गोकुलानंद पांडा ने खुशी व्यक्त की।