बिलासपुर। जिले में कथित रूप से नियमों के विरुद्ध संचालित निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एनएसयूआई ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां और नजर का चश्मा लेकर पहुंचे तथा शिक्षा विभाग पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
एनएसयूआई ने एसएस पब्लिक स्कूल, केपीएस ब्रांच, अचीवर्स स्कूल मंगला सहित अन्य निजी स्कूलों के खिलाफ पूर्व में शिकायत दर्ज कराई थी। संगठन का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही संबंधित संस्थानों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।
एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि कई निजी स्कूल विद्यार्थियों और अभिभावकों पर स्कूल परिसर से ही किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बनाते हैं। साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए भी मजबूर किया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्कूल नियमों के विपरीत 12 महीने की फीस अग्रिम वसूल रहे हैं। इसके अलावा टर्म फीस के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है और फीस जमा करने में देरी होने पर प्रतिदिन 10 रुपये विलंब शुल्क भी वसूला जाता है।
शिकायत में एसएस पब्लिक स्कूल के संबंध में पर्याप्त खेल मैदान नहीं होने, भवन के एक हिस्से को किराये पर देने, मान्यता की शर्तों के उल्लंघन, अभिभावकों के आर्थिक शोषण तथा अन्य प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।
एनएसयूआई ने शिक्षा विभाग से सभी आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।





