March 5, 2026

महासमुंद (छत्तीसगढ़): ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत नशा तस्करों पर पुलिस को बड़ी सफलता

महासमुंद जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सांकरा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने उन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो गांजा तस्करी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास करने के आरोपियों में शामिल थे।

घटना 23 जनवरी 2026 की है जब सांकरा पुलिस को सूचना मिली कि एक मारुति सुज़ुकी ईको कार (MP05 ZE 8685) में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो तस्करों ने वाहन रोकने की बजाए पुलिसकर्मियों को कुचलने की नीयत से रफ्तार बढ़ा दी, जिसके बाद उनका वाहन अनियंत्रित होकर पुलिस की गाड़ी से टकरा गया और पुलिस वाहन में भीषण आग लग गई। आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन बाद में पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।

पुलिस ने तकनीकी डेटा विश्लेषण और सूक्ष्म जांच के बाद मध्यप्रदेश में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  • राकेश चौकसे (चालक) — नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश
  • मोनू राय (वाहन स्वामी) — होशंगाबाद, मध्यप्रदेश
    बताया जा रहा है कि मोनू राय इस गिरोह का अग्रिम संपर्क (फॉरवर्ड लिंक) है और पिछले डेढ़ साल से गांजा पुड़िया बनाकर बेचने का काम कर रहा था।

घटना के दौरान पुलिस ने लगभग 39.680 किलो गांजा भी बरामद किया था, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹19.84 लाख आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों पर NDPS एक्ट सहित हत्या के प्रयास समेत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का दावा है कि ANTF ने नशे के बड़े सिंडिकेट्स के खिलाफ अब तक 30 से अधिक प्रकरण दर्ज किए हैं और कुल 2152.981 किलोग्राम अवैध गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का जखीरा बरामद किया है, जिनकी कुल बाजार कीमत ₹10.73 करोड़ से अधिक है।

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में नशा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जारी ‘ऑपरेशन निश्चय’ का हिस्सा है, जिसमें पुलिस लगातार अंतरराज्यीय तस्करी रैकेट पर प्रहार कर रही है