July 23, 2026

ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीद जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, आर्मी वॉर मेमोरियल की ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल

नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान शहीद हुए छह वर्दीधारी जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए गए हैं। इन शहीदों की जानकारी अब आर्मी वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। सभी जवानों के नाम वर्ष 2025 की ‘रोल ऑफ ऑनर’ सूची में शामिल किए गए हैं।

जारी सूची के अनुसार, भारतीय सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक और हवलदार सुनील कुमार सिंह तथा भारतीय वायु सेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए थे।

आर्मी वॉर मेमोरियल की परंपरा के तहत इन सभी शहीदों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की स्मारक ईंटों पर भी अंकित किए जाएंगे। वर्ष 2025 की ‘रोल ऑफ ऑनर’ में उन सभी सैनिकों को स्थान दिया गया है जिन्होंने विभिन्न सैन्य अभियानों में सर्वोच्च बलिदान दिया।

दो जवानों को मिला वीरता पुरस्कार

शहीद जवानों में से राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत ‘वीर चक्र’ और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को ‘वायु सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया है। 8 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राइफलमैन सुनील कुमार के माता-पिता को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित लेकिन तीव्र सैन्य संघर्ष की शुरुआत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। इस अभियान में यूसुफ अज़हर, अब्दुल मलिक रऊफ़ और मुदस्सिर अहमद समेत 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।

10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति

भारत सरकार के अनुसार, ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच 10 मई से जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी।