अफगानिस्तान में पाकिस्तान की ओर से की गई कथित एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों पर बमबारी की, जिसमें 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं 14 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
मुख्य बातें
- पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन कर एयरस्ट्राइक करने का आरोप।
- हमले में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत होने का दावा।
- कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों को बनाया गया निशाना।
- 14 लोग घायल, कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- तालिबान सरकार ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया।
- घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
तालिबान सरकार ने की कड़ी निंदा
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया, जिससे कई मकान पूरी तरह तबाह हो गए।
11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत
तालिबान प्रशासन के अनुसार हमले में कुल 13 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। प्रशासन ने सभी मृतकों को शहीद घोषित किया है। वहीं 14 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप
अफगानिस्तान ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाना एक क्रूर और अमानवीय अपराध है। तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना पर संज्ञान लेने की मांग की है।
यूएन में पाकिस्तान पर भारत ने साधा था निशाना
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान की आलोचना की थी। भारत के स्थायी प्रतिनिधि P. Harish ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई के जरिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
क्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं।





