September 6, 2026

WhatsApp छोड़ WeChat अपनाएगी पाकिस्तान सेना, सरकारी बातचीत के लिए जारी किए नए निर्देश

पाकिस्तान। पाकिस्तान सेना ने अपने अधिकारियों और जवानों को सरकारी और आधिकारिक बातचीत के लिए WhatsApp का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया है। सेना ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से चीनी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WeChat पर शिफ्ट होने के लिए कहा है।

सेना के निर्देश के अनुसार, WhatsApp के इस्तेमाल से निगरानी, डेटा लीक और सरकारी संचार के हैक होने का जोखिम अधिक माना गया है। इसी वजह से संवेदनशील और आधिकारिक संवाद के लिए WeChat को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है।

सुरक्षा चिंताओं के चलते लिया गया फैसला

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए सैन्य संचार को अधिक सुरक्षित बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आधिकारिक बातचीत के लिए WhatsApp की जगह WeChat को अपनाया जा रहा है।

WeChat क्यों बना पहली पसंद?

WeChat चीन का सबसे बड़ा “सुपर ऐप” माना जाता है। यह केवल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि टेक्स्ट चैट, वॉयस और वीडियो कॉल, फाइल शेयरिंग और डिजिटल पेमेंट जैसी कई सुविधाएं एक ही ऐप पर उपलब्ध कराता है। यही वजह है कि इसे ऑल-इन-वन कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म माना जाता है।

चीन-पाकिस्तान रक्षा सहयोग को मिल सकती है मजबूती

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंस सहयोग भी बढ़ा है। माना जा रहा है कि एक समान संचार प्लेटफॉर्म अपनाने से संयुक्त सैन्य अभ्यास और सीमा पर समन्वय बेहतर हो सकता है।

भारत में WeChat पहले से प्रतिबंधित

गौरतलब है कि भारत सरकार ने जून 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए WeChat सहित 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। जहां भारत ने सुरक्षा कारणों से WeChat को बैन किया, वहीं पाकिस्तान की सेना अब इसे अपने आधिकारिक संचार माध्यम के रूप में अपनाने की तैयारी कर रही है।