रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती और उससे जुड़े खर्च का मुद्दा सदन में उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने गृहमंत्री विजय शर्मा से सवाल किया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य से मांगी गई 21,530 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किस मद से किया जाएगा, क्योंकि राज्य के बजट में इसका उल्लेख नहीं है।
डॉ. महंत ने बताया कि 17 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को इस राशि को माफ करने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका भुगतान चार किश्तों में करने की अनुमति दी। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी राशि किन मदों में खर्च हुई और इसका विस्तृत ब्यौरा सदन को पेश किया जाना चाहिए।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि यह मामला पिछली सरकार के समय से जुड़ा है और इसका फाइनल सेटलमेंट चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद का खात्मा करना है और उसके बाद 31 मार्च 2027 तक केंद्रीय सशस्त्र बलों की वापसी पूरी कर दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस राशि के भुगतान को लेकर वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय लेंगे और इससे राज्य के वित्तीय ढांचे पर कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।




