पिथौरा, छत्तीसगढ़: राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा के बाल वैज्ञानिक खुशबू साहू और उनके साथियों ने एक उच्च तकनीकी डिवाइस तैयार किया है। इस डिवाइस का नाम हाइटेक मवेशी रोड सेफ्टी डिवाइस रखा गया है, जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकते हुए आवारा पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
इस डिवाइस में मवेशी के गले में एक रेडियम पट्टी पर ट्रांसमीटर सेंसर लगाया जाएगा, जो उच्च फ्रिक्वेंसी पर नेशनल हाईवे के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। जब भी कोई आवारा पशु राष्ट्रीय राजमार्ग पर आएगा, तो कंट्रोल रूम में लगे बीप के साथ-साथ ड्राइवर के मोबाइल पर संदेश जाएगा, जिससे चालक सचेत होकर गाड़ी की गति नियंत्रित कर सके। साथ ही, कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारी जान पाएंगे कि आवारा पशु किस लोकेशन पर है और उसे भगाने के लिए टीम भेज सकते हैं। मवेशी को रोड से दूर रखने के लिए रेडियम पट्टी पर वाइब्रेशन के जरिए हल्का झटका दिया जाएगा, जिससे पशु स्वयं सड़क से हट जाएगा और दुर्घटना की संभावना कम होगी।

सिरपुर महोत्सव के दौरान शिक्षा विभाग के स्टॉल में इस मॉडल का प्रदर्शन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महासमुंद विधायक राजू योगेश्वर सिन्हा, बसना विधायक संपत अग्रवाल, महासमुंद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी सहित कई अन्य अधिकारियों के समक्ष किया गया। सभी ने इस नवाचार की सराहना की और इसे प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही।

इस परियोजना को संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा की बाल वैज्ञानिक खुशबू साहू, शासकीय महाविद्यालय तेंदुकोना की सृष्टि यदु, पीएमश्री विद्यालय पिथौरा की डिंपल डड़सेना, राम दर्शन पब्लिक विद्यालय जंधोरा के छात्र तथा सेंट फ्रांसिस विद्यालय पिथौरा के पीयूष साहू ने प्रभारी शिक्षिका सीमा चंद्राकर के मार्गदर्शन में विकसित किया।
इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की अचानक आवाजाही से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और साथ ही पशुधन की रक्षा करना है। यदि इस डिवाइस को व्यापक रूप से अपनाया जाता है तो इससे न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि पशुओं की जान भी सुरक्षित रहेगी।
सिरपुर महोत्सव में इस मॉडल के प्रदर्शन और सराहना के लिए सभी अधिकारियों, शिक्षक और बाल वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया गया। यह पहल छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।





