September 4, 2026

पिथौरा में शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन, SDM कार्यालय में ताला देख भड़की नाराजगी; घंटों बाद लिया गया ज्ञापन

पिथौरा। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समय शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले शिक्षकों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिथौरा में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षक रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने SDM कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे प्रदर्शनकारी शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली।

खेल मैदान से निकली रैली, SDM कार्यालय के बाहर धरना

शिक्षकों के अनुसार, पूर्व सूचना के मुताबिक सभी शिक्षक शहीद भगत सिंह खेल मैदान में एकत्र हुए। यहां से रैली निकालते हुए वे SDM कार्यालय पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की।

SDM कार्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने देखा कि शनिवार होने के कारण कार्यालय बंद था और गेट पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद शिक्षक कार्यालय परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

पूर्व सूचना के बावजूद नहीं मिला कोई कर्मचारी

शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने पहले ही SDM कार्यालय को लिखित सूचना दे दी थी कि 22 अगस्त को स्कूल बंद होने के बाद वे रैली के माध्यम से कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बावजूद ज्ञापन लेने के लिए कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने काफी देर तक इंतजार किया और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। शिक्षकों का कहना था कि यदि संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं थे, तो कम से कम ज्ञापन प्राप्त करने के लिए किसी कर्मचारी की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

घंटों इंतजार के बाद कर्मचारी ने लिया ज्ञापन

काफी देर तक इंतजार के बाद SDM कार्यालय की ओर से एक कर्मचारी को भेजा गया। इसके बाद शिक्षकों ने अपना ज्ञापन संबंधित कर्मचारी को सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

सेवा सुरक्षा और पदोन्नति समेत कई मांगें

शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पदोन्नति सहित शिक्षक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया। फेडरेशन की ओर से प्रशासन को दिए गए आवेदन में 22 अगस्त को पिथौरा में शांतिपूर्ण धरना और रैली आयोजित करने की पूर्व सूचना दी गई थी। आवेदन में करीब 500 शिक्षकों के शामिल होने का अनुमान भी बताया गया था।

शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य लंबित मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

‘पूर्व सूचना के बाद व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी’

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि शनिवार को कार्यालय बंद रहने की जानकारी उन्हें थी, इसलिए उन्होंने पहले ही प्रशासन को कार्यक्रम और ज्ञापन सौंपने की सूचना दी थी। ऐसे में ज्ञापन लेने के लिए कर्मचारी की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

शिक्षकों ने कहा कि काफी देर बाद उनका ज्ञापन स्वीकार कर लिया गया, लेकिन भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में पूर्व सूचना के आधार पर प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि संगठनों को ज्ञापन सौंपने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।