रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। वर्तमान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे गए आभार पत्र के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। पत्र में विजय शर्मा ने दावा किया है कि भाजपा सरकार ने ढाई साल में 10.60 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाकर गरीबों का पक्का मकान का सपना पूरा किया है।
विजय शर्मा ने अपने पत्र में बताया कि भाजपा ने चुनाव से पहले गरीबों को आवास देने का जो वादा किया था, उसे सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में पूरा करने का संकल्प लिया गया। 14 दिसंबर 2023 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में कुल 18.12 लाख आवासों को पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें अपूर्ण आवास, आवास प्लस सूची और मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राही शामिल हैं।
मंत्री शर्मा ने पत्र में पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के 2022 के इस्तीफे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पर्याप्त फंड नहीं मिलने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति प्रभावित हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने 26,908 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराकर आवास निर्माण को गति दी।
उन्होंने दावा किया कि अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 2,000 आवास पूरे किए गए, जो देश में सर्वाधिक रहा। वर्तमान में भी राज्य में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जाने का दावा भी पत्र में किया गया है।
विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने न केवल अपने वादे पूरे किए, बल्कि पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की लंबित राशि का भुगतान भी किया।
गौरतलब है कि जुलाई 2022 में तत्कालीन मंत्री टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर इस्तीफा दिया था। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे लाखों गरीबों को पक्का मकान नहीं मिल पा रहा है। अब उसी मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, जबकि कांग्रेस इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।





