July 23, 2026

इंडोनेशिया में 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, संरक्षण परियोजना की शुरुआत की

योग्यकार्ता/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे के अंतिम दिन बुधवार को इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने करीब 1000 वर्ष पुराने इस विश्व प्रसिद्ध हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया।

योग्यकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है। नौवीं शताब्दी में निर्मित इस विशाल मंदिर परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।

‘एक्ट ईस्ट नीति’ का अहम हिस्सा

प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और सांस्कृतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

विदेशों में विरासत संरक्षण पर भारत का फोकस

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ‘विरासत और विकास’ की नीति के तहत विदेशों में स्थित प्राचीन भारतीय, हिंदू और बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण पर लगातार काम कर रही है। वर्ष 2014 के बाद भारत ने वियतनाम, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, कंबोडिया, लाओस और बहरीन सहित कई देशों में ऐतिहासिक मंदिरों और विरासत स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजनाओं में सहयोग किया है।

रामायण की कथा से सुसज्जित है मंदिर

प्रम्बानन मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में हुआ था। इसकी दीवारों पर रामायण की कथा को पत्थरों पर उकेरा गया है, जो इसे दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदू कला और संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण बनाता है।

दौरे से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का जीवंत प्रतीक है और यह दोनों देशों की साझा विरासत को दर्शाता है।