May 14, 2026

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक, “टीम इंडिया” से निपटने का भरोसा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ करीब सवा दो घंटे लंबी वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्यों से उनकी तैयारियों की जानकारी ली और स्पष्ट कहा कि “टीम इंडिया” की तरह मिलकर काम करते हुए देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपटेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।

बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं सप्लाई चेन को मजबूत रखना सबसे अहम है। उन्होंने राज्यों से जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने को कहा।

कृषि क्षेत्र को लेकर पीएम मोदी ने उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी के लिए अग्रिम योजना बनाने पर जोर दिया। साथ ही बदलती परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों को शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़ी संभावित चुनौतियों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार के खिलाफ आगाह करते हुए सही और विश्वसनीय जानकारी जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।

बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वहीं मुख्यमंत्रियों में चंद्रबाबू नायडू, विष्णु देव साय, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, मोहन यादव, हेमंत सोरेन, पुष्कर सिंह धामी, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फडणवीस और मोहन चरण मांझी शामिल रहे।

बैठक में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की भी चर्चा हुई। संकट के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि तेल कंपनियां इसका उपयोग बढ़ी लागत को संतुलित करने में करेंगी।

मुख्यमंत्रियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही उन्होंने केंद्र के साथ मिलकर हालात से निपटने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।