September 6, 2026

PoK Election 2026: प्रदर्शन के बीच तीसरे चरण की वोटिंग टली, PML-N ने जीतीं 24 सीटें

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच सोमवार, 10 अगस्त को होने वाली तीसरे चरण की विधानसभा चुनाव की वोटिंग अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है। PoK विधानसभा की कुल 45 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पहले दो चरणों में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है। तीसरे चरण में 11 सीटों पर मतदान होना था।

पहले चरण में हिंसा, 19 लोगों की मौत का दावा

PoK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान कई जगह हिंसा और झड़पें हुई थीं। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। चुनाव में कथित धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर तनाव की स्थिति बनी।

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों ने आरोप लगाया कि रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई। संगठन ने सोशल मीडिया पर कथित मृतकों के नाम भी जारी किए हैं।

भारत ने PoK चुनाव को बताया दिखावटी प्रक्रिया

भारत ने PoK में होने वाले इन चुनावों को मान्यता देने से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान चुनावी प्रक्रिया के जरिए PoK पर अपने कथित अवैध कब्जे को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है।

भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस क्षेत्र में राजनीतिक प्रक्रिया संचालित करने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। विदेश मंत्रालय ने चुनाव को पाकिस्तान के कब्जे को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग

विरोध प्रदर्शन कर रहे JAAC की मांग अब महंगाई जैसे मुद्दों से आगे बढ़कर PoK को अधिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकार देने तक पहुंच गई है। संगठन विधानसभा की 45 सीटों में शामिल 12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग कर रहा है।

ये सीटें पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहने वाले कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। JAAC का तर्क है कि PoK से बाहर रहने वाले लोगों को वहां की सरकार चुनने में निर्णायक भूमिका नहीं मिलनी चाहिए।

नवाज शरीफ की PoK का पीएम बनने की इच्छा

PML-N अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 22 जुलाई को कहा था कि अगर उनकी पार्टी PoK में जीत हासिल करती है तो वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे।

हालांकि, PoK के मौजूदा संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक प्रधानमंत्री का चुनाव विधानसभा के मुस्लिम सदस्यों में से किया जाता है। विधानसभा सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार का PoK का स्थायी निवासी होना और मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। नवाज शरीफ इस चुनाव में किसी विधानसभा सीट से उम्मीदवार नहीं हैं।

फिलहाल तीसरे चरण की 11 सीटों पर होने वाली वोटिंग अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद PoK में चुनावी प्रक्रिया और सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।