दंतेवाड़ा | छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में शांति और विकास की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे ‘पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन)’ अभियान से प्रभावित होकर 36 इनामी सहित कुल 64 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
👥 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल
सरेंडर करने वाले माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा में सक्रिय रहे हैं। इनमें 18 महिला और 45 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इनामी माओवादियों में—
- ₹8 लाख के 7
- ₹5 लाख के 7
- ₹2 लाख के 8
- ₹1 लाख के 11
- ₹50 हजार के 3 माओवादी शामिल हैं।
👮 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया आत्मसमर्पण
सभी माओवादियों ने डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक अफसरों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
🕊️ ‘पूना मारगेम’ बन रहा शांति की नई मिसाल
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि पूना मारगेम अभियान बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस और सीआरपीएफ मिलकर क्षेत्र में शांति स्थापना और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
🔥 गंभीर नक्सली घटनाओं में थे शामिल
आत्मसमर्पित माओवादियों में कई ऐसे कैडर शामिल हैं जो आईईडी ब्लास्ट, पुलिस मुठभेड़, एम्बुश, आगजनी, हत्या और फायरिंग जैसी गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें डीवीसीएम, पीपीसीएम, प्लाटून सदस्य और गार्ड कमांडर स्तर के माओवादी शामिल हैं।
📊 लगातार बढ़ रहा आत्मसमर्पण का ग्राफ
सरकार की पुनर्वास नीति का असर साफ दिखाई दे रहा है।
- पिछले 22 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 572 से अधिक माओवादी,
- वहीं ‘लोन वर्राटू अभियान’ के तहत अब तक 1224 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
🙏 माओवादियों से अपील
दंतेवाड़ा पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, संवाद और सम्मानजनक जीवन की राह अपनाएं। सरकार हर उस व्यक्ति को अवसर दे रही है जो समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता है।





