जगदलपुर। बस्तर संभाग में आज कई अहम मुद्दे सुर्खियों में हैं। भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। वहीं, लोहण्डीगुड़ा के मांदर गांव के बाढ़ प्रभावित परिवार एक साल बाद भी स्थायी पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर बारिश के साथ मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इधर, अपराध पर लगाम लगाने के लिए बोधघाट थाना पुलिस ने आदतन अपराधियों की साप्ताहिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। नारायणपुर में ‘घर वापसी’ का मामला सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि कच्चापाल वाटरफॉल में मधुमक्खियों के हमले के बाद पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
20 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन करेंगे ग्रामीण डाक कर्मचारी
भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। 20 से 27 जुलाई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद 28 जुलाई को भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन होगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 5 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल और 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। संघ ने रिक्त पदों पर भर्ती, कर्मचारियों के शोषण पर रोक और रेल डाक सेवा को मजबूत करने सहित कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं।
बाढ़ के एक साल बाद भी पुनर्वास का इंतजार
26 अगस्त 2025 की भीषण बाढ़ से प्रभावित लोहण्डीगुड़ा के मांदर गांव के कई परिवार आज भी स्थायी पुनर्वास की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने जमीन चिन्हित तो की, लेकिन वह उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं थी। कई प्रभावित परिवारों को अलग-अलग भूखंड नहीं मिले और दूरस्थ स्थान होने के कारण भी लोगों ने वहां बसने से परहेज किया। अब अधिकांश परिवार अपनी पुरानी जमीन पर ही ऊंचे स्थानों पर नए मकान बना रहे हैं, जबकि नाले के किनारे स्थित कई मकानों में दरारें पड़ने से नई चिंता पैदा हो गई है।
बस्तर में मलेरिया का खतरा बढ़ा
बारिश के साथ बस्तर जिले में मलेरिया के मामलों में तेजी आई है। जनवरी से मई 2026 के बीच जिले में 617 मरीज मिले हैं, जिनमें 506 पीएफ और 111 पीवी मलेरिया के मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 40 प्रतिशत संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते, जिससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना रहता है। 15 जून से 15 जुलाई तक चले विशेष सर्वेक्षण में भी 299 नए मरीज मिले हैं। विभाग ने लोगों से बुखार होने पर तत्काल जांच कराने और नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने की अपील की है।
अब हर रविवार थाने में लगेगी आदतन अपराधियों की हाजिरी
जगदलपुर के बोधघाट थाना पुलिस ने अपराध पर नियंत्रण के लिए नई पहल शुरू की है। दर्जनभर निगरानीशुदा अपराधियों को प्रत्येक रविवार थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने उनकी काउंसलिंग करते हुए भविष्य में अपराध से दूर रहने की चेतावनी दी है। इन अपराधियों पर मारपीट, लूट, चाकूबाजी, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा और बलवा जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नारायणपुर में ‘घर वापसी’ पर फिर छिड़ी बहस
नारायणपुर के सुलेंगा गांव में एक परिवार के चार सदस्यों के पारंपरिक आदिवासी आस्था में लौटने की जानकारी सामने आने के बाद ‘घर वापसी’ का मुद्दा चर्चा में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। वहीं कुछ सामाजिक संगठनों ने धर्मांतरण से जुड़े आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र या प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटनाक्रम के बाद संस्कृति, आस्था और सामाजिक संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है।
कच्चापाल वाटरफॉल में मधुमक्खियों के हमले से मची अफरा-तफरी
नारायणपुर के अबूझमाड़ स्थित कच्चापाल वाटरफॉल में मधुमक्खियों के हमले के बाद पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ पर्यटक झरने के पास आग जलाकर भोजन बना रहे थे और तेज आवाज में स्पीकर बजा रहे थे, जिससे मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं। घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सुविधाओं की कमी उजागर हुई है। विशेषज्ञों ने प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।





