श्रीहरिकोटा।
नए साल की शानदार शुरुआत करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा उपग्रह ‘अन्वेषा’ (EOS-N1) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसरो ने PSLV-C62 रॉकेट के जरिए सुबह 10:18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इस मिशन को अंजाम दिया।
इस मिशन के तहत PSLV-C62 कुल 15 सैटेलाइट लेकर अंतरिक्ष में रवाना हुआ, जिनमें मुख्य अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट अन्वेषा (EOS-N1) के साथ 14 को-पैसेंजर सैटेलाइट शामिल हैं। सभी उपग्रहों को सूर्य-समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit – SSO) में स्थापित किया जाएगा।
600 किमी की ऊंचाई से दुश्मन पर नजर, भारत का ‘स्पेस CCTV’
अन्वेषा सैटेलाइट को पृथ्वी से लगभग 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा। यह सैटेलाइट अत्याधुनिक निगरानी क्षमताओं से लैस है और झाड़ियों में छिपे आतंकियों, घुसपैठियों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी पैनी नजर रख सकता है।
इसी वजह से इसे “भारत का स्पेस CCTV” भी कहा जा रहा है।
अन्वेषा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। यह एक उन्नत स्पाई (खुफिया) सैटेलाइट है, जिसका मुख्य उद्देश्य सटीक निगरानी, मैपिंग और सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना है।
हाइपरस्पेक्ट्रल तकनीक से लैस, सेना का ‘सीक्रेट वेपन’
EOS-N1 एक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट है, जो हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग (HRS) तकनीक पर काम करता है। यह तकनीक प्रकाश के अधिक स्पेक्ट्रम को डिटेक्ट करने में सक्षम होती है, जिससे जमीन पर मौजूद वस्तुओं और गतिविधियों की बेहद बारीकी से पहचान संभव होती है।
यह सैटेलाइट सीमाओं की सुरक्षा, रणनीतिक निगरानी और रक्षा अभियानों में सेना के लिए एक सीक्रेट वेपन की तरह काम करेगा।
NSIL का 9वां कॉमर्शियल मिशन, PSLV की 64वीं उड़ान
इस पूरे मिशन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा अंजाम दिया गया है, जो ISRO की कॉमर्शियल इकाई है। यह PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान है और अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट से जुड़ा 9वां कॉमर्शियल मिशन भी है।
7 भारतीय और 8 विदेशी सैटेलाइट भी शामिल
इस मिशन में शामिल 15 सैटेलाइट्स में
- 7 भारतीय सैटेलाइट,
- और 8 विदेशी सैटेलाइट शामिल हैं।
हैदराबाद स्थित ध्रुवा स्पेस ने अपने 7 सैटेलाइट इस लॉन्च के जरिए अंतरिक्ष में भेजे हैं। वहीं विदेशी सैटेलाइट फ्रांस, नेपाल, ब्राजील और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के हैं।
यह मिशन भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी की PSLV मिशन में इतनी बड़ी भागीदारी देखने को मिली है।
भरोसेमंद PSLV, कई ऐतिहासिक मिशनों का साक्षी
PSLV को दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च वाहनों में गिना जाता है। इसी रॉकेट से
चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे ऐतिहासिक मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं।
अन्वेषा की सफल लॉन्चिंग ने एक बार फिर भारत की अंतरिक्ष और रक्षा क्षमताओं को वैश्विक मंच पर मजबूत किया है।





