May 18, 2026

Raigarh Cyber Fraud : CSR फंड दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, अंतरराज्यीय गैंग के 5 आरोपी गिरफ्तार

Raigarh Cyber Fraud : रायगढ़ पुलिस ने सीएसआर फंड दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों को कॉर्पोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और इसके बदले 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।

एनजीओ कार्यकर्ता को बनाया निशाना

रायगढ़ जिले के इंदिरानगर निवासी आयशा परवीन, जो एक एनजीओ से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने 12 मार्च को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उनके भांजे के माध्यम से उनकी मुलाकात अभय यादव और विजय चंद्रा से हुई थी। विजय चंद्रा ने उन्हें बताया कि एक कंपनी सीएसआर फंड के तहत सामाजिक कार्यों के लिए अनुदान देना चाहती है।

आरोपियों ने महिला से उनके संस्थान के पंजीयन से संबंधित दस्तावेज लिए और बाद में अजय साहू तथा सचिन चौहान से संपर्क करवाया। आरोपियों के कहने पर महिला ने अपने संस्थान के नाम से एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया, जिसका इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड के लिए किया गया।

गुवाहाटी बुलाकर कराया ट्रांजेक्शन

आरोपियों ने महिला और उनके पति को नौकरी और अनुदान राशि दिलाने के बहाने गुवाहाटी बुलाया। वहां होटल में ठहराने के बाद दो अज्ञात लोगों ने महिला के मोबाइल में एक एपीके फाइल इंस्टॉल कर दी और खाते की जांच के नाम पर मोबाइल, चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए।
करीब एक सप्ताह तक उन्हें होटल में रखकर उनके बैंक खाते के माध्यम से कई ट्रांजेक्शन किए गए और बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया।

2.17 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन

रायगढ़ लौटने के बाद बैंक से महिला को संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 से ही उनके खाते से संदिग्ध ट्रांजेक्शन हो रहे थे। आरोपियों ने महिला के खाते के माध्यम से कुल 2 करोड़ 17 लाख रुपये का लेनदेन किया था।

टेलीग्राम के जरिए चलता था साइबर नेटवर्क

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से अंतरराज्यीय साइबर ठगों के संपर्क में थे। वे विभिन्न राज्यों में सक्रिय गैंग को कॉर्पोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। इसके बदले आरोपी फ्रॉड की रकम का 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।

देशभर में 44 साइबर शिकायतें

प्रारंभिक जांच में साइबर पुलिस के समन्वय पोर्टल पर महिला के खाते से जुड़े 44 अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है।
पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी 25 से 30 कॉर्पोरेट बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी के लिए उपलब्ध करा चुके हैं।

फिलहाल पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।