March 5, 2026

रायगढ़: हाथी शावक की मौत के बाद ग्रामीणों ने दशकर्म पूजा और तालाब शुद्धिकरण का आयोजन किया

रायगढ़। बंगुरसिया सर्किल में हाथी शावक की डूबने से मृत्यु के बाद ग्रामीणों ने तालाब के शुद्धिकरण और दशकर्म पूजा का आयोजन किया। वन अमले के अधिकारी और कर्मचारी भी इस आयोजन में शामिल हुए। ग्रामीणों ने मृत शावक की आत्मा की शांति की कामना की और सुरक्षा एवं संरक्षण के संदेश के साथ मृत्युभोज का आयोजन किया।

वन परिक्षेत्र रायगढ़ के बंगुरसिया सर्किल के बड़झरिया तालाब में 19 दिसंबर 2025 की रात को 32 हाथियों का दल नहाने आया था। इस दौरान शावक गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर हाथियों की चिंघाड़ने की आवाज सुनकर वन विभाग के स्टाफ ने देखा कि बड़े हाथी शावक को उठाने का प्रयास कर रहे थे।

शावक की मृत्यु के बावजूद हाथियों का झुंड कई दिनों तक आसपास के जंगल में ही रहा। इस घटना के बाद बंगुरसिया और नंवापारा के ग्रामीणों ने मृत शावक की आत्मा की शांति और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए दशकर्म पूजा का आयोजन किया।

दशकर्म और संरक्षण प्रयास

ग्रामीणों ने भजन-कीर्तन के साथ पूजा-अर्चना की और मृत्युभोज का आयोजन किया। इसमें फॉरेस्टर प्रेमा तिर्की, परिसर रक्षक विजय ठाकुर और आरएफओ ज्योति ध्रुव सहित अन्य वन अधिकारी मौजूद थे। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से धनराशि एकत्र की और प्रत्येक घर से स्वैच्छिक योगदान लिया। पूजा के बाद सभी ने शिव गणेश मंदिर में भजन कीर्तन और मृत्युभोज का आयोजन किया।

ग्रामीणों का उद्देश्य वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की जनहानि से बचना था। इस आयोजन के माध्यम से इंसान और वन्यजीव के बीच के संबंध को भी मजबूती मिली।