रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम लिंजीर में केलो परियोजना के तहत प्रस्तावित नहर निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। खेत के बीच से नहर निकाले जाने का विरोध कर रहे एक किसान ने गुरुवार को कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश कर ली। गंभीर हालत में किसान को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आईसीयू में उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम लिंजीर निवासी रविशंकर गुप्ता अपनी कृषि भूमि के बीच से प्रस्तावित नहर निर्माण का लगातार विरोध कर रहे थे। गुरुवार को प्रशासनिक अमला और पुलिस बल नहर निर्माण कार्य के लिए मौके पर पहुंचा था। महिला तहसीलदार की मौजूदगी में निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी, जिसका किसान ने विरोध जताया।
शासकीय भूमि से नहर निकालने की मांग
परिजनों के मुताबिक रविशंकर गुप्ता का कहना था कि नहर को उनकी खेती योग्य जमीन के बजाय समीप स्थित शासकीय भूमि से निकाला जाए। उनका आरोप है कि केलो परियोजना के लिए पहले ही उनकी 7 से 8 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है और अब अतिरिक्त भूमि प्रभावित होने से उनकी खेती पर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रशासनिक कार्रवाई के बीच उठाया कदम
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य नहीं रुकने से आक्रोशित किसान ने मौके पर ही जहर का सेवन कर लिया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
किसान के परिजनों ने तहसीलदार और पुलिस पर दबाव बनाकर जमीन खाली कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसान की आपत्तियों और मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की सहमति और समस्याओं का समाधान किए बिना विकास कार्यों को आगे बढ़ाने से विवाद बढ़ सकते हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।





