March 4, 2026

रायगढ़: मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा

रायगढ़: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग में अब घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब तक ऐसे ऑपरेशन के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब वे अपने ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित उपचार पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों का यह एक महत्वपूर्ण परिणाम है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।

अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यह नई सुविधा प्रारंभ की गई। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में प्रत्येक जोड़ प्रत्यारोपण पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि शासकीय अस्पताल में यह सुविधा आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध है। इससे आर्थिक बोझ कम होने के साथ मरीजों को अपने ही जिले में उच्चस्तरीय उपचार का लाभ मिल रहा है।

28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि लंबे समय से पैर में गंभीर समस्या के कारण चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी। निजी अस्पताल में उपचार पर ढाई लाख रुपये खर्च आने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में सर्जरी करवाई। सफल ऑपरेशन के बाद वे अब पूरी तरह सहज और आत्मविश्वास के साथ चल-फिर पा रहे हैं।

अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने कहा कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना के बाद जोड़ों की क्षति या लंबे समय से घुटने और कूल्हे के दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी है। सर्जरी के बाद मरीजों के दर्द में उल्लेखनीय कमी आती है और वे तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि पुरानी घुटना या कूल्हे की समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श करें।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि सर्जरी अत्याधुनिक तकनीक और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. ए.एम. लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा इन सर्जरी को पूर्ण सुरक्षा और दक्षता के साथ संपन्न किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में लगभग 10 मरीजों की सफल सर्जरी हुई है, जिसमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं।